Monday, 22 December 2025

श्रीनिवास रामानुजन




श्रीनिवास रामानुजन – संक्षिप्त जीवनी (हिंदी)

श्रीनिवास रामानुजन (22 दिसंबर 1887 – 26 अप्रैल 1920) भारत के महान गणितज्ञों में से एक थे। उन्होंने गणित के क्षेत्र में बिना औपचारिक शिक्षा के असाधारण योगदान दिया। उनका कार्य आज भी विश्वभर के गणितज्ञों को प्रेरित करता है।

रामानुजन का जन्म इरोड, तमिलनाडु में हुआ था और उनका पालन-पोषण कुंभकोणम में हुआ। बचपन से ही उन्हें गणित में गहरी रुचि थी। वे जटिल गणितीय प्रश्नों को बहुत आसानी से हल कर लेते थे। उन्होंने अधिकतर ज्ञान स्वअध्ययन से प्राप्त किया।

आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हुई, लेकिन उन्होंने गणित का अध्ययन नहीं छोड़ा। वर्ष 1913 में उन्होंने अपने गणितीय सूत्रों को एक पत्र के माध्यम से प्रसिद्ध ब्रिटिश गणितज्ञ जी. एच. हार्डी को भेजा। हार्डी रामानुजन की प्रतिभा से अत्यंत प्रभावित हुए और उन्हें कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय आमंत्रित किया।

कैम्ब्रिज में रहते हुए रामानुजन ने संख्या सिद्धांत, अनंत श्रेणियाँ और सतत भिन्नों पर महत्वपूर्ण कार्य किया। वर्ष 1918 में वे रॉयल सोसाइटी के फेलो बने और उसी वर्ष ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज के भी फेलो चुने गए।

स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे भारत लौट आए और अल्प आयु में ही उनका निधन हो गया। मात्र 32 वर्ष की आयु में उनका देहांत हो गया, लेकिन उनके गणितीय सूत्र आज भी शोध का विषय हैं।

श्रीनिवास रामानुजन भारतीय प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का अद्भुत उदाहरण हैं।















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