Friday, 31 October 2025

मध्य प्रदेश स्थापना दिवस

                                                       मध्य प्रदेश का 70 वां स्थापना दिवस                                                 

                          

प्रस्तावना:
भारत के मध्य भाग में स्थित राज्य मध्य प्रदेश अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विशेषताओं के कारण “भारत का हृदय” कहलाता है। हर वर्ष 1 नवम्बर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है। यह दिन हमारे राज्य की एकता, गौरव और प्रगति का प्रतीक है।

इतिहास:
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में राज्यों का पुनर्गठन भाषाई आधार पर किया गया। इसी क्रम में 1 नवम्बर 1956 को विभिन्न रियासतों और प्रांतों जैसे भोपाल, ग्वालियर, मालवा, महाकौशल, बुंदेलखंड और छत्तीसगढ़ को मिलाकर मध्य प्रदेश राज्य का गठन हुआ। प्रारंभ में इसकी राजधानी नागपुर थी, जिसे बाद में भोपाल बना दिया गया।
साल 2000 में छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश से अलग कर एक नया राज्य बनाया गया, जिसके बाद वर्तमान स्वरूप में मध्य प्रदेश अस्तित्व में आया।

भौगोलिक स्थिति:
मध्य प्रदेश भौगोलिक रूप से भारत के केंद्र में स्थित है। इसकी सीमाएँ उत्तर में उत्तर प्रदेश, पश्चिम में राजस्थान और गुजरात, दक्षिण में महाराष्ट्र और पूर्व में छत्तीसगढ़ से मिलती हैं। राज्य में घने वन, उपजाऊ भूमि, और अनेक नदियाँ जैसे नर्मदा, बेतवा, सोन, ताप्ती आदि बहती हैं।

संस्कृति और धरोहर:
मध्य प्रदेश की संस्कृति विविधता से भरी हुई है। यहाँ विभिन्न जनजातियाँ, परंपराएँ और लोक नृत्य जैसे गोंडी नृत्य, कलबेलिया, माटकी नृत्य आदि प्रसिद्ध हैं। राज्य की कला और स्थापत्य विश्व प्रसिद्ध हैं — खजुराहो के मंदिर, सांची का स्तूप, भीमबेटका की गुफाएँ, ग्वालियर किला और उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर यहाँ के गौरव हैं।

आर्थिक और औद्योगिक प्रगति:
मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ गेहूँ, सोयाबीन, चना और दालों की अधिक खेती होती है। साथ ही राज्य में खनिज संपदा भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। औद्योगिक क्षेत्र में भी राज्य ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

स्थापना दिवस का उत्सव:
हर वर्ष 1 नवम्बर को पूरे राज्य में स्थापना दिवस मनाया जाता है। भोपाल में मुख्य समारोह आयोजित होता है, जिसमें राज्यपाल और मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड, झांकियाँ और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाती हैं। इस दिन राज्य की उपलब्धियों का स्मरण किया जाता है और नई योजनाओं की घोषणा की जाती है।

उपसंहार:
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस हमें अपनी समृद्ध संस्कृति, मेहनती जनता और गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है। हमें अपने राज्य के विकास में भागीदार बनना चाहिए ताकि हमारा मध्य प्रदेश शिक्षा, स्वच्छता, रोजगार और पर्यावरण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बने। वास्तव में, मध्य प्रदेश सदैव “भारत का दिल” बनकर धड़कता रहेगा।
                         मध्य प्रदेश के कुछ रोचक तथ्य (Interesting Facts about Madhya Pradesh): 🌿🏰

1. 🗺️ भारत का हृदय (Heart of India):
मध्य प्रदेश को भारत का हृदय कहा जाता है क्योंकि यह देश के बिल्कुल मध्य में स्थित है।

2. 🏛️ राजधानी और सबसे बड़ा शहर:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है और सबसे बड़ा शहर इंदौर है।

3. 🌆 सबसे स्वच्छ शहर:
इंदौर लगातार कई वर्षों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है।

4. 🏞️मध्य प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और उनका स्थान

A. कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (Kanha National Park)
📍 जिला – मंडला और बालाघाट
🐅 प्रसिद्ध – बारासिंघा (राज्य पशु), बाघ
👉 यह भारत के सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिज़र्व में से एक है।


B. बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान (Bandhavgarh National Park)
📍 जिला – उमरिया
🐅 प्रसिद्ध – बाघों की अधिक संख्या
👉 यह वह स्थान है जहाँ व्हाइट टाइगर पहली बार मिला था।


C. पेंच राष्ट्रीय उद्यान (Pench National Park)
📍 जिला – सिवनी और छिंदवाड़ा
🐾 प्रसिद्ध – "द जंगल बुक" (रुडयार्ड किपलिंग की कहानी) की प्रेरणा
👉 यहाँ मोघली और बघीरा जैसी कहानियों की कल्पना हुई थी।


D. सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान (Satpura National Park)
📍 जिला – होशंगाबाद (अब नर्मदापुरम)
🐘 प्रसिद्ध – हाथी सफारी, पहाड़ी वन क्षेत्र
👉 यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य बहुत आकर्षक है।


E. माधव राष्ट्रीय उद्यान (Madhav National Park)
📍 जिला – शिवपुरी
🦌 प्रसिद्ध – चीतल, नीलगाय और ऐतिहासिक माधव सागर झील
👉 यह सिंधिया राजवंश के शिकार क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध था।


F. वन विहार राष्ट्रीय उद्यान (Van Vihar National Park)
📍 जिला – भोपाल (शहर के भीतर)
🐅 प्रसिद्ध – शहरी राष्ट्रीय उद्यान
👉 यह मानव निर्मित झील (ऊपरी झील) के पास स्थित है।


G. पन्ना राष्ट्रीय उद्यान (Panna National Park)
📍 जिला – पन्ना और छतरपुर
💎 प्रसिद्ध – हीरे की खदानों के लिए और बाघ संरक्षण परियोजना के लिए प्रसिद्ध।


H. संजय राष्ट्रीय उद्यान (Sanjay National Park)
📍 जिला – सीधी
🐆 प्रसिद्ध – तेंदुआ, भालू और घना वन क्षेत्र
👉 यह छत्तीसगढ़ की सीमा के पास है।


I. माण्डला शहडोल राष्ट्रीय उद्यान (Mandla-Shahdol National Park)
📍 जिला – मंडला और शहडोल
👉 यह अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध लेकिन समृद्ध वन क्षेत्र है।


J. कुनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park)
📍 जिला – श्योपुर
🦁 प्रसिद्ध – चीता पुनर्वास परियोजना (Namibia और South Africa से लाए गए चीते)
👉 यह वर्तमान में देशभर में चर्चा का केंद्र है।


K. नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य (अब राष्ट्रीय उद्यान घोषित)
📍 जिला – सागर, दमोह, नरसिंहपुर, रायसेन
🐾 प्रसिद्ध – बाघ, तेंदुआ, जंगली कुत्ता




5. 🐅 टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया:
मध्य प्रदेश को भारत का टाइगर स्टेट कहा जाता है क्योंकि यहां बाघों की संख्या सबसे अधिक है।

6. 🕌 सांची स्तूप:
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का स्तूप बौद्ध धर्म का एक प्रसिद्ध स्मारक है।

7. 🕉️ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग:
उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

8. 🌅 खजुराहो के मंदिर:
खजुराहो के मंदिर अपनी सुंदर मूर्तिकला और स्थापत्य कला के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।

9. 💧 नर्मदा नदी:
मध्य प्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी है, जो अमरकंटक से निकलती है।

10. 🎭 संस्कृति और त्यौहार:
यहां भोजपुर महोत्सव, खजुराहो नृत्य उत्सव, और तानसेन संगीत समारोह जैसे आयोजन प्रसिद्ध हैं।

11. 🏰 ऐतिहासिक स्थल:
ग्वालियर का किला, मांडू, ओरछा, और झाबुआ जैसे स्थान अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाने जाते हैं।

12. 👑 राजा भोज:
भोपाल शहर का नाम पहले भोजपाल था, जो राजा भोज के नाम पर पड़ा।

13. 🐘 वन्य जीवन:
यहां घुग्गी पक्षी, चीतल, बारहसिंगा, भालू, चीतों आदि की बड़ी संख्या पाई जाती है।

14. 🚉 पहली फॉरेस्ट ट्रेन:
भारत की पहली फॉरेस्ट ट्रेन मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में चलती थी।

15. 🍲 खाने की विशेषता:
भुट्टे का कीस, पोहा-जलेबी, और साबूदाना खिचड़ी यहां की प्रसिद्ध व्यंजन हैं।


                                                    कहानी मध्य प्रदेश की




                                                मध्य प्रदेश पर प्रश्नोत्तरी👆🏻

Thursday, 30 October 2025

राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas)

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राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है।
यह दिन भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने स्वतंत्र भारत को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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🗓️ मनाने की तिथि

👉 31 अक्टूबर
(सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती)

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 मनाने का उद्देश्य

राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है –

देश में एकता, अखंडता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना।

सरदार पटेल के योगदान को याद करना, जिन्होंने 562 रियासतों को मिलाकर एक अखंड भारत का निर्माण किया।

नागरिकों को यह प्रेरणा देना कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

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👤 सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान

वे भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे।

उन्होंने देश के सभी रियासतों को कूटनीति, दृढ़ निश्चय और नेतृत्व क्षमता से एकजुट किया।

उन्हें “भारत का लौह पुरुष” (Iron Man of India) कहा जाता है।

उनका सपना था एक सशक्त, संगठित और एकजुट भारत।

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🏃‍♀️ कैसे मनाया जाता है

देशभर में “रन फॉर यूनिटी” (Run for Unity) का आयोजन किया जाता है।

विद्यालयों और कॉलेजों में भाषण, निबंध, प्रश्नोत्तरी, और एकता रैली निकाली जाती है।

सरकारी कार्यालयों में “राष्ट्रीय एकता शपथ” ली जाती है।

गुजरात के केवड़िया स्थित “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होते हैं।


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🗿 स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

यह सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है (182 मीटर ऊँची)।

इसका उद्घाटन 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया था।

यह भारत की एकता और शक्ति का प्रतीक है।

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💬 नारा

> “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”
— यही राष्ट्रीय एकता दिवस का संदेश है।





Friday, 17 October 2025



दीपावली भारत का सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहार हैजिसे प्रकाश पर्व भी कहा जाता है। यह अंधकार पर प्रकाशअसत्य पर सत्यऔर बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

 

🌼 दीपावली का महत्व:

 दीपावली भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है। जब श्रीराममाता सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटेतो लोगों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। इसी कारण यह पर्व “दीपावली” यानी “दीपों की पंक्ति” कहलाता है।

रामायण

प्राचीन हिंदू ग्रंथ रामायण में बताया गया है कि लोग दीपावली को 14 साल के वनवास के पश्चात भगवान राम बा पत्नी सीता और उनके भाई लक्ष्मण की वापसी के सम्मान के रूप में मनाते हैं 

महाभारत 

प्राचीन हिंदू महाकाव्य महाभारत के अनुसार कुछ लोग दीपावली को 12 वर्षों के वनवास का 1 वर्ष का अज्ञातवास के बाद पांडवों की वापसी के प्रति के रूप में मानते हैं I

लक्ष्मी 

एक पौराणिक कथा के अनुसार विष्णु ने नरसिंह रूप का धारण करके हिरण कश्यप का वध किया था तथा इसी दिन समुद्र मंथन के पश्चात लक्ष्मी धनवंतरी प्रकट हुए कई लोग दीपावली को भगवान विष्णु की पत्नी तथा उत्सव धन समृद्धि के देवी लक्ष्मी से जुड़ा मांगते हैं दीपावली का पांच दिवसीय महोत्सव देवताओं और राक्षसों द्वारा  अलौकिक सागर के मंथन से पैदा हुई लक्ष्मी के जन्म के दिवस के रूप में मनाते हैं दीपावली की रात वह दिन है जब लक्ष्मी ने अपने पति के रूप में भगवान विष्णु को चुना और फिर उनसे शादी की I

 

भारत के पूर्वी क्षेत्र उड़ीसा में तथा पश्चिम बंगाल में हिंदू लक्ष्मी माता की जगहकी जगह काली मां  की पूजा करते हैं  I

 

जैन 

जैन धर्म के अनुसार 24 में तीर्थंकर महावीर स्वामी को इस दिन मोक्ष की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनके प्रथम सिस्टर गौतम गंधार को केवल ज्ञान प्राप्त हुआ था 

जैन समाज द्वारा दीपावली महावीर स्वामी के निर्माण दिवस के रूप में मनाई जाती है महावीर स्वामी वर्तमान अवसर निकाल के अंतिम तीर्थंकर को इसी दिन कार्तिक अमावस्या को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी इसी दिन संध्या काल में उनके प्रथम से गौतम गंधार को केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई थी यथाएं अन्य संप्रदायों से जैन  दीपावली की पूजा विधि पूर्णता बिन है

सिख 

सिखों के लिए दीपावली महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन ही अमृतसर में 1577 में स्वर्ण मंदिर का शिलान्यास हुआ था और इनके अलावा 1619 में दीपावली के दिन सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद सिंह जी को जेल से रिहा किया गया था 

 

 

🪔 कब मनाई जाती है:दीपावली (Deepawali) 🌟

  यह पर्व कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता हैजो प्रायः अक्टूबर या नवंबर महीने में पड़ती है।इस पर    दीपावली 21 अक्टूबर , दिन सोमवार को 2025 को मनाई जाएगी I

 

🙏 पूजा का महत्व:

 इस दिन माँ लक्ष्मीभगवान गणेशऔर कई स्थानों पर श्रीरामसीतालक्ष्मणऔर हनुमान जी की पूजा की जाती है।

 माँ लक्ष्मी — धनसमृद्धि और सौभाग्य की देवी हैं।

 भगवान गणेश — विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता हैं।

 लक्ष्मी के साथ-साथ भक्ति बढ़ाओ को दूर करने के प्रति गणेश संगीत साहित्य की प्रतीक सरस्वती और धन प्रबंधन कुबेर को प्रसाद अर्पित करते हैं कुछ देव दीपावली को विष्णु के बैकुंठ में वापसी के दिन के रूप में मनाते हैं मान्यता है कि इस दिन लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं और जो लोग उसे दिन उनकी पूजा करते हैं वह आगे के वर्ष के दौरान मानसिक शारीरिक दुखों से दूर हो सुखी रहते हैं

🎆 कैसे मनाया जाता है:

 

घरों की सफाई और सजावट की जाती है।

 दीपकमोमबत्तियाँ और लाइटें जलाई जाती हैं।

 लोग नए कपड़े पहनते हैं।

 पूजा के बाद मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं और आतिशबाज़ी की जाती है।

 लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं।

 

 

🌙 दीपावली से जुड़े अन्य पर्व:

 

1. धनतेरस – इस दिन सोनाचाँदी या बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।

 

 2. नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली) – भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर राक्षस के वध का उत्सव।

  

3. दीपावली (मुख्य दिन) – लक्ष्मी-गणेश पूजा।

 

 4. गोवर्धन पूजा – श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की याद में।

  

5. भाई दूज – भाई-बहन के स्नेह का पर्व।

  

 


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